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सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को गैस होती है?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में बोतल से दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम गैस बनती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ से दूध के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकते हैं। इसलिठवे धीमे-धीमे दूध चूसते हैं, जिससे दूध के साथ कम हवा अंदर जाती है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की कम अवधि के लिठऔर बार-बार दूध पीने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सीधे बिठाकर à¤à¥€ दूध पिलाया जा सकता है। इन सबसे शिशॠके पेट में कम गैस जाती है।
हालांकि, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को फिर à¤à¥€ हर बार दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। खासकर उन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, जब आपका शिशॠबहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता हो या फिर आपके दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ विशेषत: तेज हो।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में गैस होने की वजह आपके आहार में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ हो सकती है। इस आहार को पहचानकर इसका सेवन बंद करने से मदद मिल सकती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठके आहार में शामिल डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ à¤à¥€ इसका कारण हो सकते हैं।
कà¥à¤› सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¥‹à¤‚ जैसे गोà¤à¥€, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, हरी गोà¤à¥€, राजमा, छोलों को गैस और कॉलिक का कारण माना जाता है। हालांकि, इस बारे में पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ इतने पà¥à¤°à¤¬à¤² नहीं है।
अपने आहार को इतना à¤à¥€ सीमित न करें कि शिशॠको à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता होने लगे। मगर यदि आपको लगे कि को विशेष à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠको दिकà¥à¤•त पहà¥à¤‚चा रहा है तो आप उसे अपने आहार से हटाकर देख सकती हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठके आहार के बारे में यहा पढ़ें।
बोतल से दूध पीने वाले अपने शिशॠको गैस होने से कैसे बचा सकती हूं?
बोतल से दूध के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ की वजह से शिशॠबहà¥à¤¤ सारी गैस अंदर निगल सकते हैं। शिशॠके पेट में कम गैस जाà¤, इसके लिठआप शिशॠको जितना सीधा हो सके उतना सीधा रखकर बोतल से दूध पिलाà¤à¤‚। साथ ही, यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतल को थोड़ा उठाकर रखें, ताकि दूध निपà¥à¤ªà¤² के छेद को पूरी तरह ढक ले।
बोतल में छेद बहà¥à¤¤ बड़ा या बहà¥à¤¤ छोटा नहीं होना चाहिà¤à¥¤ छोटे छेद से शिशॠपरेशान हो सकता है और वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध निगलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। बहà¥à¤¤ बड़ा छेद होने से दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बहà¥à¤¤ तेज जोता है।
कà¥à¤› बोतले हवा अंदर निगलने से रोकने के लिठतैयार की जाती हैं और à¤à¤¸à¤¾ उनके पैकेट पर लिखा होता है। कà¥à¤› मà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ होती हैं, वहीं कà¥à¤› में आंतरिक छेद या लाइनर होता है, जिससे दूध में हवा के बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ नहीं बनते और निपà¥à¤ªà¤² को गिरने से à¤à¥€ बचाते हैं।
कई बार शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ हो सकती है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से उचित विकलà¥à¤ª के बारे में पूछ सकती हैं।
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