क्या बच्चों के लिए गैस की बूंदें काम करती हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:17

स्तनपान करने वाले शिशुओं को गैस होती है?
स्तनपान करने वाले शिशुओं में बोतल से दूध पीने वाले शिशुओं की तुलना में कम गैस बनती है। स्तनपान करने वाले शिशु स्तन से दूध के प्रवाह को नियंत्रित कर सकते हैं। इसलिए वे धीमे-धीमे दूध चूसते हैं, जिससे दूध के साथ कम हवा अंदर जाती है।

स्तनपान करने वाले शिशुओं की कम अवधि के लिए और बार-बार दूध पीने की संभावना होती है। उन्हें सीधे बिठाकर भी दूध पिलाया जा सकता है। इन सबसे शिशु के पेट में कम गैस जाती है।

हालांकि, स्तनपान करने वाले शिशुओं को फिर भी हर बार दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाने की जरुरत होती है। खासकर उन परिस्थितियों में, जब आपका शिशु बहुत जल्दी-जल्दी स्तनपान करता हो या फिर आपके दूध का प्रवाह विशेषत: तेज हो।

स्तनपान करने वाले शिशुओं में गैस होने की वजह आपके आहार में मौजूद प्रोटीन के प्रति असहिष्णुता हो सकती है। इस आहार को पहचानकर इसका सेवन बंद करने से मदद मिल सकती है। स्तनपान करवाने वाली माँ के आहार में शामिल डेयरी उत्पाद भी इसका कारण हो सकते हैं।

कुछ सब्जियाों जैसे गोभी, पत्तागोभी, हरी गोभी, राजमा, छोलों को गैस और कॉलिक का कारण माना जाता है। हालांकि, इस बारे में प्रमाण इतने प्रबल नहीं है।

अपने आहार को इतना भी सीमित न करें कि शिशु को भोजन के प्रति संवेदनशीलता होने लगे। मगर यदि आपको लगे कि को विशेष भोजन शिशु को दिक्कत पहुंचा रहा है तो आप उसे अपने आहार से हटाकर देख सकती हैं। स्तनपान करवाने वाली माँ के आहार के बारे में यहा पढ़ें।
बोतल से दूध पीने वाले अपने शिशु को गैस होने से कैसे बचा सकती हूं?
बोतल से दूध के प्रवाह की वजह से शिशु बहुत सारी गैस अंदर निगल सकते हैं। शिशु के पेट में कम गैस जाए, इसके लिए आप शिशु को जितना सीधा हो सके उतना सीधा रखकर बोतल से दूध पिलाएं। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि बोतल को थोड़ा उठाकर रखें, ताकि दूध निप्पल के छेद को पूरी तरह ढक ले।

बोतल में छेद बहुत बड़ा या बहुत छोटा नहीं होना चाहिए। छोटे छेद से शिशु परेशान हो सकता है और वह ज्यादा दूध निगलने का प्रयास करता है। बहुत बड़ा छेद होने से दूध का प्रवाह बहुत तेज जोता है।

कुछ बोतले हवा अंदर निगलने से रोकने के लिए तैयार की जाती हैं और ऐसा उनके पैकेट पर लिखा होता है। कुछ मुड़ी हुई होती हैं, वहीं कुछ में आंतरिक छेद या लाइनर होता है, जिससे दूध में हवा के बुलबुले नहीं बनते और निप्पल को गिरने से भी बचाते हैं।

कई बार शिशु को फॉर्मूला में मौजूद प्रोटीन के प्रति असहिष्णुता हो सकती है। यदि ऐसा हो तो डॉक्टर से उचित विकल्प के बारे में पूछ सकती हैं।

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